जाने क्या है सॉफ्टवेयर,SOFTWARE KYA HAI

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नमस्कार दोस्तों आज एक बार फिर से मै आप सब के लिए 
जानकारी लेकर आया हू। 
आज का हमारा टॉपिक है सॉफ्टवेयर तो फिर आइये जानते है
 सॉफ्टवेयर  क्या है

सॉफ्टवेयर :-

       सॉफ्टवेयर 2 प्रकार के होते है 
  1. सिस्टम सॉफ्टवेयर 
  2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर 

तो हम पहले सिस्टम सॉफ्टवेयर के बारे में जानेंगे। …… 

सिस्टम सॉफ्टवेयर :-

                   जो सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर को चलाने , नियंत्रित करने व 
देखभाल करने आदि में सहयोग करते है 

उन्हें सिस्टम सॉफ्टवेयर कहते है। 
      जैसे :-    एम० एस० डोस , विंडोज , यूनिक्स आदि। 
इसके उदहारण है। ये दो भागो में बाटा गया है। 
  1. ऑपरेटिंग सिस्टम 
  2. लैंग्वेज सिस्टम 

ऑपरेटिंग सिस्टम :- 

                      कम्प्यूटर में सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम ही लोड
 किये जाते है। 
कुछ विशेष प्रोग्रामो का एक ऐसा समूह है। जो किसी कम्प्यूटर
 के सम्पूर्ण क्रिया कलापो को कंट्रोल करता है। 
जैसे :- विंडोज , मिकिन्टोस सिस्टम , एम० एस० डोस , यूनिक्स 
आदि। 

लैंग्वेज सिस्टम :- 

           लैंग्वेज सॉफ्टवेयर निर्देशो के ऐसे समूह है। जो किसी
 समस्या को हल करने के लिए प्रोग्रामिंग 
भाषा में लिखे जाते है। इस समय लगभग 200 लैंग्वेज 
सॉफ्टवेयर उपलब्ध है। 
इनमे से कुछ सभी प्रकार के कार्य करने में सछम है। 
          जैसे :- सी , सी ++ एच टी एम एल आदि। 
                         इन कंप्यूटर भासाओ को प्रोग्रामिंग भासा भी
 कहा जाता है। 
लैंग्वेज सॉफ्टवेयर को 2 भागो में बाटा गया है। 
  1. इंटरप्रेटर 
  2. कम्पाइलर 

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इंटरप्रेटर :-

           यह उच्चस्तरीय भाषा के स्त्रोत कोड को क्रमबद्ध रूप से
 मशीनी भाषा में अनुवाद कर देता है। 
जैसे :- लोगो , बेसिक आदि। 

कम्पाइलर :-

            यह एक ऐसा प्रोग्राम है जो किसी प्रोग्रामर द्वारा 
उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भासा में लिखे गए सोर्स 
प्रोग्रामो का अनुवाद मशीनी भासा में करता है। 
             प्रत्येक उच्चस्तरीय भाषा के लिए एक अलग कम्पाइलर
 की आवश्यकता होती है। 

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर :-

                   एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उन प्रोग्रामो को कहा जाता है।
 जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए बनाये जाते है। 
हम सिस्टम सॉफ्टवेयर के द्वारा कम्प्यूटर को नियंत्रित तो कर सकते
 है , परन्तु अपने कार्य को एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर द्वारा ही 
संपन्न कर   सकते है। 
   कुछ एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर जैसे :- एम० एस० एक्सेल , टैली ,
 फोटो शॉप आदि  है। 
एप्लीकेशन  सॉफ्टवेयर को 2 भागो में वर्गीकृत किया गया है। 
  1. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर 
  2. इंटरनेट सॉफ्टवेयर 

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर :-

                     अनेक लघु प्रोग्रामो का समूह जो अतिरिक्त सेवाओ 
द्वारा ऑपरेटिंग  सिस्टम की सहायता करता है , यूटिलिटी 
सॉफ्टवेयर कहलाता है।
   जैसे :-   नोर्टन यूटिलिटीस , साइमन टेक्नोलॉजी और सेन्ट्रल
 पाइंट सॉफ्टवेयर आदि। 

इंटरनेट सॉफ्टवेयर :-   

                  यह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की प्रतिमानित विधि जिसके
 द्वारा नेटवर्क का प्रयोग किया जा सकता है।  जैसे :-   इंटरनेट एक्सप्लोरर , नेटस्केप , नेविगेटर आदि। 
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